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दिल के लिए कोलेस्ट्रॉल का कितना स्तर है खतरे की घंटी, जानिए कितना होना चाहिए

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हाइलाइट्स

19 साल से कम की उम्र में टोटल कोलेस्ट्रॉल का सामान्य स्तर 170 से नीचे होना चाहिए
20 साल से ज्यादा की उम्र में टोटल कोलेस्ट्रॉल 125 से 200 के बीच होना चाहिए

Normal range of Cholesterol- कोलेस्ट्रॉल शरीर में पाए जाने वाली वसा है जो कई हार्मोन को बनाती है. कोलेस्ट्रॉल शरीर में कैल्शियम का अवशोषण भी करता है. अगर कोलेस्ट्रॉल शरीर में न रहे तो हम ज्यादा दिनों तक जिंदा ही नहीं रह पाएंगे. कोलेस्ट्रॉल शरीर में टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजेन हार्मोन सहित कई हार्मोन को बनाता है. इसके अलावा मेटाबोलिज्म को बूस्ट करता है. यह पाचन के लिए जरूरी रसायनों को उत्पादन करता है. कोलेस्ट्रॉल लिवर और आंत को सुचारु रूप से चलाने के लिए रसायनों का उत्पादन करता है. शरीर में इतने महत्वपूर्ण काम करने के बावजूद कोलेस्ट्रॉल को कुछ मायनों में विलेन माना जाता है.

दरअसल कोलेस्ट्रॉल वसा का एक प्रकार है जिसे लाइपोप्रोटीन कहते हैं. लाइपोप्रोटीन दो तरह के होते हैं-लो डेंसिटी लाइपोप्रोटीन या (LDL)और हाई डेंसिटी लाइपोप्रोटीन या (HDL)एचडीएल. एक तरफ एलडीएल का बढ़ना अच्छा माना जाता है तो वहीं दूसरी तरफ एचडीएल का बढ़ना हमारे शरीर के लिए बहुत बुरा माना जाता है. एचडीएल को ही विलेन या बैड कोलेस्ट्रॉल माना जाता है. एलडीएल ज्यादा होने पर खून की धमनियों में जमा होने लगता है जिससे हार्ट की बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है. तो आइए जानते हैं कि व्यक्ति में एचडीएल या एलडीएल कितना होना चाहिए.

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20 साल से कम के व्यक्तियों में कोलेस्ट्रॉल
माइ क्लेवलैंडक्लिनिक के मुताबिक उम्र और लिंग के हिसाब से कोलेस्ट्रॉल का स्तर उपर नीचे हो सकता है. एक सामान्य व्यक्ति जिसकी उम्र 19 साल से कम है उसमें टोटल कोलेस्ट्रॉल का सामान्य स्तर 170 से नीचे होना चाहिए. वहीं ऐसे व्यक्ति में नॉन- एचडीएल 120 से नीचे, एलडीएल 110 से नीचे और एचडीएल 45 से ज्यादा होना चाहिए. लेकिन अगर व्यक्ति की उम्र 20 साल से ज्यादा है तो टोटल कोलेस्ट्रॉल 125 से 200 के बीच, नॉन-एचडीएल 120 से नीचे, एलडीएल 100 से नीचे होना चाहिए. वहीं एचडीएल 60 या इससे ज्यादा होना चाहिए. जन्म के समय बेबी गर्ल को बेबी ब्यॉय की तुलना में गुड कोलेस्ट्रॉल की अधिक आवश्यकता होती है. बेबी ब्यॉय को जहां एचडीएल की 40 से अधिक की जरूरत होती है वहीं बेबी गर्ल को 50 से अधिक गुड कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है. कोलेस्ट्रॉल के स्तर को मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर में मापा जाता है.

कोलेस्ट्रॉल कब हो जाता है खतरनाक
एक सामान्य व्यक्ति में अगर टोटल कोलेस्ट्रॉल का स्तर 240 या इससे ज्यादा हो तो यह बेहद खतरनाक माना जाता है. जहां तरह यदि गुड कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल पुरुषों में 40 से कम हो जाता है और महिलाओं में 50 से कम तो यह बहुत खतरनाक संकेत हो सकता है. डॉक्टरों के मुताबिक टोटल कोलेस्ट्रॉल का स्तर अगर 200 से 239 के बीच है तो यह जोखिमपूर्ण संकेत है. वहीं एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर यदि 100 से 159 के बीच है तो समझना चाहिए कि यह किसी बीमारी के खतरे की घंटी है. एक सामान्य पुरुष में यदि गुड कोलेस्ट्रॉल या एचडीएल का स्तर 40 से 59 के बीच हो और महिलाओं में 50 से 59 के बीच हो तो यह भी जोखिमपूर्ण है. यानी आप हाई रिस्क में हैं. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

कैसे बढ़ाएं गुड कोलेस्ट्रॉल
शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान में परिवर्तन करना जरूरी है. नियमित एक्सरसाइज से गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाया जा सकता है. तली-भुनी चीजों, स्मोक और शराब से परहेज करके भी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाया जा सकता है. अगर गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो गया है तो डॉक्टर कुछ दवाइयों के माध्यम से भी इसे बढ़ाने की सलाह देते है.

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