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स्मार्टफोन्स की लॉक-स्क्रीन पर काबिज इस कंपनी पर Reliance की नजर, कर सकता है 30 करोड़ डॉलर का निवेश

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Reliance, Glance Inmobi में कर सकता है 30 करोड़ डॉलर का निवेश. (फाइल फोटो)

रिटेल, ऑयल से लेकर टेलीकॉम सेक्टर तक में दखल रखने वाली कॉन्गलोमरेट Reliance Industries Ltd के एक और बड़े निवेश की खबरें निकलकर आ रही हैं. ऐसी जानकारी मिल रही है कि रिलांयस भारत की मोबाइल कंटेंट प्रोवाइडर Glance InMobi Pte का एक हिस्सा खरीद सकती है. Glance InMobi एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो स्मार्टफोन्स के लॉक स्क्रीन पर न्यूज, स्पोर्ट्स, फूड, एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों और वीडियो को पुश करता है. यह कंपनी एक शॉर्ट वीडियो ऐप Roposo भी चलाती है. इस कंपनी को टेक दिग्गज Alphabet Inc. की Google बैक करती है. 

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Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से जुड़ी जानकारी रखने वाले कुछ लोगों ने बताया कि इस कंपनी में रिलायंस लगभग 300 मिलियन डॉलर का निवेश करने पर विचार कर रहा है. अपनी पहचान उजागर न करने की शर्त पर एक सूत्र ने बताया कि दोनों कंपनियों के बीच में अगले कुछ ही हफ्तों मे ये डील डन हो सकती है. हालांकि, कुछ ने यह भी कहा कि कंपनी अभी इस डील पर सोच-विचार कर रही है और हो सकता है कि कंपनी यह डील न भी करे. Glance की ओर से इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

यह डील इसलिए दिलचस्प हो जाती है क्योंकि रिलायंस अपने टेलीकॉम वेंचर Reliance Jio के तहत गूगल के साथ मिलकर एक अफोर्डेबल स्मार्टफोन डेवलप कर रहा है. ऐसे में कंपनी गूगल के सपोर्ट वाले प्लेटफॉर्म में ही निवेश करके रिलायंस जियो लॉक-स्क्रीन सेगमेंट में भी एक बड़े बाजार को एक्सेस कर सकेगा. ऊपर से उसे शॉर्ट वीडियो कंटेंट का जो प्लेटफॉर्म मिलेगा, वो अलग. TikTok, Instagram Reels और YouTube Shorts सबूत है कि शॉर्ट वीडियोज़ ही इस वक्त सबसे ज्यादा कंज्यूम किया जाने वाला कंटेंट है.

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर FCCB से जुटाएगा 750 करोड़ 

वहीं, एक अन्य खबर में यह पता चला है कि रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के निदेशक मंडल ने निजी नियोजन के आधार पर विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांड (एफसीसीबी) के जरिये 750 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. बीएसई को भेजी सूचना में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि संदीप खोसला को कंपनी का मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) नियुक्त किया गया है. कंपनी ने कहा, ‘कंपनी के बोर्ड ने निजी नियोजन के आधार पर 10,00,00,000 बिना गारंटी वाले विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांड जारी करने की मंजूरी दे दी है. ये बांड 2031 में मैच्योर होंगे. इनके लिए कूपन दर 4.5 प्रतिशत रखी गई है.’

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि ये बांड एफसीसीबी की शर्तों के अनुरूप 10 रुपये प्रत्येक के इक्विटी शेयरों में 101 रुपये प्रीमियम पर 111 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर परिवर्तित होंगे. कंपनी निर्गम बंद होने की तिथि के 30 दिन के अंदर बांड जारी करेगी. यह निर्णय बोर्ड की शनिवार को हुई बैठक में लिया गया.



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