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Breast Cancer Awareness Month 2022: ब्रेस्ट में नज़र आए ये 7 लक्षण तो डॉक्टर से करें संपर्क, हो सकता है स्तन कैंसर

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हाइलाइट्स

अक्टूबर महीने को ‘ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ 2022’ के रूप में मनाया जाता है.
उम्र बढ़ने के साथ ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है.
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हैं स्तन या अंडरआर्म में गांठ, लम्प बनना.

What is Breast Cancer: अक्टूबर महीने को ‘ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ 2022’ के रूप में मनाया जाता है. ब्रेस्ट कैंसर कितना घातक हो सकता है, इसके प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए कई तरह के कार्यक्रम, ईवेंट आयोजित किए जाते हैं. इस हेल्थ ईवेंट को “पिंक अक्टूबर” भी कहा जाता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि दुनिया भर में लोग स्तन कैंसर के शुरुआती निदान, रोकथाम और नियमित जांच के महत्व को उजागर करने के लिए गुलाबी रंग को अपनाने के साथ ही गुलाबी रिबन भी प्रदर्शित करते हैं. इस वार्षिक अभियान के दौरान, दुनिया भर के विभिन्न गैर-सरकारी संगठन, लोग और समुदाय जागरूकता पैदा करने और स्तन कैंसर से प्रभावित लाखों लोगों को अपना सपोर्ट देने के लिए मिलकर काम करते हैं. ‘ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ’ के मौके पर जानते हैं क्या है ब्रेस्ट कैंसर, इसके लक्षण, कारण और रिस्क फैक्टर्स के बारे में.

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क्या है स्तन कैंसर?

महिलाओं में होने वाला सबसे कॉमन कैंसर है ब्रेस्ट कैंसर. इसका इलाज सही समय पर ना कराया जाए तो मौत भी हो सकती है. स्तन कैंसर एक या दोनों ब्रेस्ट में मैलिग्नेंट कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि है. यह बेहद घातक होता है. ब्रेस्ट में मौजूद कोशिकाएं जब अनियंत्रित रूप से विकसित होने लगती हैं तो ब्रेस्ट कैंसर होता है. अधिकांश स्तन कैंसर डक्ट्स की लाइनिंग सेल्स या फिर ब्रेस्ट के ग्लैंडुलर टिशू के लॉब्यूल में विकसित होते हैं. ब्रेस्ट कैंसर के चार स्टेज होते हैं. पहले स्टेज में यदि इसके लक्षणों को पकड़ लिया जाए तो पूरी तरह से ठीक होने की संभावना काफी अधिक बढ़ जाती है. स्टेज 3 और 4 काफी रिस्की और घातक साबित होता है.

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

सीडीसी डॉट जीओवी में छपी एक खबर के अनुसार, त्वचा कैंसर के अलावा, अमेरिकी महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे कॉमन कैंसर है. मैमोग्राम स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने का सबसे अच्छा तरीका है. शुरुआत स्टेज में यदि ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज करना आसान हो जाता है. ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण इस प्रकार नजर आ सकते हैं-

  • स्तन के आकार में किसी भी तरह का कोई परिवर्तन होना.
  • स्तन के किसी भी भाग में दर्द होना.
  • निप्पल से दूध के अलावा लिक्विड डिस्चार्ज होना.
  • स्तन या अंडरआर्म में एक नई गांठ, लम्प बनना.
  • निप्पल के आकार में बदलाव, दर्द होना या लाल होना.
  • स्तनों में दर्द, सूजन, टाइटनेस महसूस होना.

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स्तन कैंसर के रिस्क फैक्टर्स

  • उम्र बढ़ने के साथ ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है.
  • ब्रेस्ट कैंसर होने के मामले सबसे अधिक 50 या इससे ऊपर की उम्र वाली महिलाओं में देखा जाता है.
  • आपके बीआरसीए1 या बीआरसीए2 जींस में बदलाव होने के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है.
  • फैमिली हस्ट्री और पीरियड्स जल्दी शुरू होने से भी इसके होने का जोखिम रहता है.
  • मेनोपॉज देर से होने के कारण भी ब्रेस्ट कैंसर के होने का रिस्क बढ़ जाता है.
  • खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी डाइट, एक्सरसाइज ना करना, शारीरिक रूप से एक्टिव ना रहना आदि फैक्टर्स भी होते हैं.

ब्रेस्ट कैंसर का इलाज और जांच

ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए मैमोग्राम, अल्ट्रासाउंड, बायोप्सी आदि का सहारा लिया जाता है. इलाज के लिए दवाई, ब्रेस्ट सर्जरी, एडवांस केस में कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, हार्मोनल इंजेक्शन आदि मरीज को दिए जाते हैं.

ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के उपाय

  • अपना वजन कंट्रोल में रखें. मोटापे के कारण भी स्तन कैंसर होने की समस्या बढ़ जा सकती है.
  • एल्कोहल, स्मोकिंग आदि का अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से बचें.
  • हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी या बर्थ कंट्रोल पिल ले रही हैं तो ब्रेस्ट कैंसर रिस्क के बारे में डॉक्टर से बात करें.

Tags: Cancer, Health, Lifestyle, Women Health



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